Saturday, January 31, 2009

कन्हाई, ओ कन्हाई? माता यशोदा पूरे गोकुल में फिर आई पर कान्हा का नाम नही।

घबरायी परेशान पूरे ग्राम में फिरती हुई पूछ रही है। ललिता ने माता से कहा, यशोदा बहन, अपना कन्हाई जो देखना हो तो ग्राम भर में काहे देख आती हो, जाओ मिल जाएगा जमुना तीरे, गोपियों के आस पास।

यशोदा ने उग्र दृष्टि से ललिता की और देखा, बेचारी ललिता वहीसहम कर रह गई। door

khadi सखिया hans पड़ी। मिल गया कन्हाई। वह तो हाथ आने से रहा।

यशोदा maiya ने बस राधा से ही नही poocha की कान्हा कहा है? फिर raadhe batlaati, की वह तो ऊंचे kadamb के पेड़ पर muh fulaye baitha है। कहता है, मुझे परेशान मत करो। ये लो, साल भर की सबसे bari ख़बर तो यही है की कान्हा परेशान होने लगा। वह भी सब को परेशान करने के बाद, अब स्वयं ऐसे baitha है जैसे की doodh dhoola हो। हा हा कान्हा, कितने bhole हो, कितने neereeh, तुम तो कुछ करते ही नही हो। वो तो zalim zamaana है जो तुम्हारे पीछे पड़ा rahata है। बेचारा जब gaiya charaata rahata है, तो gav भर की ladkiya उसके पीछे पीछे ghumti ghumti है। और kanh ladkiyo से परेशान हो ऊंचे पेड़ पर चढ़ कर baitha है, कहता है, मुझे परेशान करना band करो। किया बाबा, किया बाबा। अब khabardaar जो नयन matakka किया तो। जान ले lungi। radhe ने वही dhamkate हुए कहा। beimaan। darsal हुआ yu की radhe ने बस yu ही कान्हा से पूछ लिया के कान्हा तुम वैसे तो मुझे ही देखते rahate हो, परन्तु जब gav से bahar कही जाते हो तो बता कर क्यो नही जाते? गोकुल के भीतर तो ऐसे rahate हो जैसे मेरे और तुम्हारे सिवा कोई और है ही नही, परन्तु, जब nandbaba का एक chakkar mathura जैसे नगरी में लगता है, तो काहे की radhe? फिर कहा kanh को याद raadhe की? बस इतना sa prashn poocha था, की कैसे हो? जवाब भी नही दिया? बस यही तो poocha था की काहे घड़ी घड़ी girgit जैसे रंग बदलते हो? कभी एकदम सज्जन, tauba रे tauba, ऐसा लग रहा था, अभी lagn mandap में जाकर सात phere ले लेगा, और नही तो बस गोकुल के bahar कदम रखने की देर है, कान्हा गायब। फिर raadhe को chinta की यह kanh स्वप्न जैसा सामने rahata है। गायब हो जाता है। वह उसके जीवन में है या केवल kalpanao में? क्या ग़लत है?

कान्हा ठीक ठीक radhe को samajha दो की tumhara उससे कोई लेना देना नही है। नही sochegi बेचारी तुम्हारे बारे में दिवस भर baith कर। सवेरे तुम्हारे khayalo में khoyi khoyi matka baha आई जमुना में।

तो कान्हा gussaya तो चढ़ गया पेड़ पर। muh fula कर। कहने लगा, मैंने तो नही कहा ladkiyo को पीछे padne के लिए। और kahs तौर पर उस राधा को। कौन कहता है उसे की इतनी दूर जमुना तीरे panghat पर baansuri सुन ने chali आए। हा भाई कान्हा को ladkiyo की कोई कमी नही। gopiya भरी पड़ी है ग्राम में, ग्राम में ही क्यो shaharo में, jaha जाए waha? फिर kanh क्यो सूचित करने लगा radhe को की वह कहा है। क्या ज़रूरत है। मत करो। radhe paagal है। उसे samjhaana होगा की इस ladke के बारे में khabardaar जो vichaar भी किया। दुष्ट।

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